डिग्री के बाद एक सच्चा सिविल इंजीनियर कैसे बनें | साइट ज्ञान और आत्मविश्वास के सुझाव
हर इंजीनियर के करियर में एक मोमेंट आता है। जब डिग्री मिलने के बाद भी उसके अंदर एक खालीपन सा होता है। क्लासरूम के फार्मूलाज़ याद होते हैं पर साइड पे खड़े होते ही सब कुछ ब्लर होने लगता है। ऑटोcड सॉफ्टवेयर सुना था पर लाइन का ऑफसेट कहां से शुरू करना है नहीं पता। YouTube पे टोटल सेशन सिर्फ देखा था पर साइट पे आते ही लगता है जैसे मशीन हमसे कह रही हो कि मुझे छूना मत। तब समझ आता है कि नॉलेज और स्किल एक जैसे नहीं होते। इंजीनियर बनने के लिए सिर्फ एग्जाम पास करना काफी नहीं। इंजीनियर बनना मतलब अपने टूल्स को समझना

और उन्हें अपना वेपन बना लेना। ऑटोcड, स्टड, रैबिट, एक्सेल ये सिर्फ सॉफ्टवेयर्स नहीं है। ये तुम्हारी शील्ड्स है और टोटल स्टेशन, लेवल मशीन, लेजर टूल्स ये तुम्हारे वेपन्स हैं। इन्हें जितना समझो उतना साइट पे कंट्रोल मिलता है। और कंट्रोल ही तो लीडरशिप का पहला स्टेप है। ऑटोcड तुम्हें प्रसीजन सिखाता है कि 1 मि.मी. की गलती 1 लाख का नुकसान कर सकती है। स्टैट तुम्हें स्ट्रेस और स्टेबिलिटी समझाता है कि स्ट्रक्चर सिर्फ कंक्रीट से नहीं कैलकुलेशन से टिकता है। रेविट तुम्हें कोऑर्डिनेशन सिखाता है कि एक प्रोजेक्ट सिर्फ डिज़ाइन नहीं पूरा
के साथ दिल में एक डाउट बैठ जाता है। क्या मैं इंजीनियरिंग के लायक हूं? और उस दिन घर जाकर नींद नहीं आती। सारी गलतियां हमारे आंखों के सामने आ जाती है फ्लैशबैक की तरह। लेकिन वही रात जरूरी होती है। वही रात डिसाइड करती है कि तुम कॉलेज में इंजीनियर बनकर रह जाओगे या फिर रियल सिविल इंजीनियर बनकर दिखाओगे। हर इंजीनियर ने यह रात देखी। इवन मैंने भी यह रात देखी है। जब उस दिन एक गलती के बाद एक नया कमांड हमने सीखा और हर कमांड के साथ हमारा कॉन्फिडेंस वापस आ जाता है। और जो इस दिन फेल हो जाता है ना वो लाइफ में भी फेल ही

है और इन दोनों के बीच एक नया इंजीनियर बना। तो यार अब इसे सबको सीखना कैसे है? तो इसका जवाब आसान है। सिविल गुरुजी इस YouTube चैनल पर तुम्हें ये सारे कंटेंट भरभर के मिल जाएंगे। गुरुजी के डिफरेंट ट्रेनिंग मॉड्यूल्स अवेलेबल है। जहां से आप ये सारी चीजें सीख सकते हैं डिटेल में। अगर आप इससे रिलेटेड आपको कोई भी कंफ्यूजन होता है तो आप नीचे दिए गए नंबर पर सिविल गुरुजी से बात कर सकते हैं। क्योंकि सिविल गुरुजी को लगभग आठ साल होने वाले हैं और वो सिविल इंजीनियर्स की मदद करते आ रहा है। जिससे आप अपने करियर में
आगे बढ़ पाए। यह हमारा सिविल इंजीनियर्स अंडर कंस्ट्रक्शन सीरीज का दूसरा एपिसोड है जिसमें हमने तुम्हें टूल्स कीेंस बताई। पहले एपिसोड अगर आपने मिस कर दिया है तो डिस्क्रिप्शन में उसका लिंक मिल जाएगा आपको। वहां जाकर आप देख सकते हो। इस सेशन में टोटल एट वीडियोस होने वाले हैं जिसमें मैं स्टेप बाय स्टेप बताऊंगा कि कम्युनिकेशन में कहां मिस्टेक्स आती है। टेक्निकल नॉलेज, सॉफ्टवेयर टूल्स और रियल स्टोरीज भी मैं आपके साथ शेयर करूंगा। हमारे इंजीनियर्स की जॉब चार-प महीने की ट्रेनिंग के बाद डीआरडीओ, एलएटी जैसी कंपनीज में लग रही है। वहां पर वो काम कर


